CM योगी का सख्त संदेश—नारी गरिमा से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, यूपी पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या 45 हजार पहुंची
(Gorakhpur, Gorakhpur) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की महानवमी पर गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन किया। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि जिस समाज में मां भगवती की उपासना होती है, वहां नारी की गरिमा के विपरीत आचरण के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। सनातन परंपरा में मातृशक्ति की सुरक्षा, सम्मान और गरिमा को सर्वोच्च स्थान दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने इस परंपरा को धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया है। मिशन शक्ति अभियान भी इसी संकल्प से प्रेरित है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रत्येक थाने में महिला हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। यहां महिला बीट पुलिस अधिकारी या उपनिरीक्षक स्तर की महिला अधिकारी महिलाओं की समस्याएं सुनती हैं। इसके अलावा महिलाओं की सहायता के लिए 1090 हेल्पलाइन भी संचालित की जा रही है।

उन्होंने कहा कि नारी सुरक्षा और सम्मान को मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में पुलिस की भूमिका महत्वपूर्ण है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश पुलिस में लगभग 10 हजार महिला पुलिसकर्मी थीं, जबकि अब यह संख्या बढ़कर करीब 45 हजार हो गई है। पुलिस भर्ती में महिलाओं के लिए 20 प्रतिशत सीटें आरक्षित की गई हैं। उन्होंने कहा कि महिला पुलिसकर्मी प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान दे रही हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से संचालित बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि ये पहलें महिलाओं के सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा दे रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटी के जन्म से लेकर स्नातक स्तर तक की शिक्षा के लिए विभिन्न चरणों में कुल 25 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक लाख रुपये की सहायता दी जा रही है। इस योजना के माध्यम से अब तक पांच लाख से अधिक कन्याओं के विवाह संपन्न कराए जा चुके हैं।

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि प्रदेश की 54 हजार ग्राम पंचायतों में बीसी सखी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। ड्रोन दीदी और लखपति दीदी जैसी पहलों के जरिए भी महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने के अवसर दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्र के दौरान प्रदेश में धार्मिक आयोजनों और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में लगभग 45 हजार स्थानों पर दुर्गा पूजा पंडाल स्थापित किए गए हैं और देवी मंदिरों तथा शक्तिपीठों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

मुख्यमंत्री के मुताबिक, मां विंध्यवासिनी धाम में कॉरिडोर निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। रविवार को यहां 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन-पूजन किया, जबकि सोमवार को भी 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।

उन्होंने बताया कि देवीपाटन शक्तिपीठ, सहारनपुर स्थित मां शाकंभरी पीठ और सीतापुर के ललिता देवी शक्तिपीठ में भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। दर्शनार्थियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विजयादशमी अधर्म, असत्य और अन्याय पर धर्म, सत्य और न्याय की विजय का प्रतीक है। यह पर्व समाज को बुराइयों से मुक्त करने का संदेश देता है।

उन्होंने लोगों से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के दहन के साथ नशे, भ्रष्टाचार, अराजकता, असुरक्षा और आतंकवाद जैसी बुराइयों को समाप्त करने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने समाज की एकता को कमजोर करने का प्रयास करने वाले अराजक तत्वों को बेनकाब करने का भी आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी पर रामलीला और पुतला दहन के आयोजनों के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। प्रशासन को यातायात प्रबंधन, सुरक्षा और निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने लोगों से पर्व को उत्साह के साथ मनाने, लेकिन अनुशासन और सुरक्षा का ध्यान रखने की अपील की।

अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को महानवमी की शुभकामनाएं देते हुए मां भगवती से सभी के सुख-समृद्धि की कामना की। साथ ही विजयादशमी की अग्रिम बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व सामाजिक बुराइयों और विभाजनकारी प्रवृत्तियों से मुक्ति का संकल्प लेने का अवसर भी है।

Digital Desk: Liza Chandel

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