विजयादशमी पर CM योगी की पाती—अन्याय पर सत्य की जीत का संदेश, कसारी-मसारी अब कृष्णपुरी के नाम से होगा विकसित
(Lucknow, Lucknow) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्र की महानवमी और विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए एक पाती लिखी। इसमें उन्होंने मां दुर्गा के पराक्रम और प्रभु श्रीराम के आदर्शों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये अन्याय के प्रतिकार, नारी सम्मान और कर्तव्यपालन की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्यायी और अधर्मी चाहे कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सनातन संस्कृति विजय के उल्लास के साथ विनम्रता और ज्ञान के प्रति सम्मान का भाव भी सिखाती है। उन्होंने मां और मातृभूमि के प्रति प्रेम तथा कर्तव्यनिष्ठा पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने प्रभु श्रीराम को सामाजिक समरसता और एकात्मता का प्रतीक बताते हुए कहा कि रामलीला में सभी वर्गों के लोग बिना किसी भेदभाव के शामिल होते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्श केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि विश्व के अनेक देशों की सांस्कृतिक परंपराओं में भी उनका प्रभाव दिखाई देता है।

मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में कहा कि प्रभु श्रीराम के आदर्शों के अनुरूप प्रदेश में कानून का शासन स्थापित करना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने माफिया और संगठित अपराध के खिलाफ कठोर कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि भयमुक्त वातावरण बनाने के लिए निर्णायक कदम उठाए गए हैं।

योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति से कानून के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने सुरक्षित और समरस समाज के निर्माण के लिए सरकारी प्रयासों के साथ जनभागीदारी को भी जरूरी बताया।

मुख्यमंत्री ने प्रयागराज के कसारी-मसारी क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि माफिया के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर गरीबों के लिए आवास बनाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस पूरे क्षेत्र को कृष्णपुरी के नाम से विकसित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे इस विजयादशमी पर अहंकार, अन्याय, भेदभाव और नकारात्मकता रूपी रावण के दहन का संकल्प लें। उन्होंने कहा कि त्योहार केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा भी देते हैं।

उन्होंने नशे या अन्य व्यसनों से पीड़ित लोगों के प्रति संवेदनशीलता बरतने की अपील करते हुए कहा कि ऐसे लोगों का तिरस्कार करने के बजाय उन्हें सहयोग और सहानुभूति दी जानी चाहिए, ताकि वे स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ सकें।

मुख्यमंत्री के संदेश का सार यह रहा कि सत्य, धर्म, नारी सम्मान, सामाजिक समरसता और कर्तव्यपालन के आदर्शों को अपनाकर ही एक सुरक्षित और बेहतर समाज का निर्माण किया जा सकता है।

Digital Desk: Liza Chandel

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