(India)
यह विमान काठमांडू के त्रिभुवन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा के लिए उड़ा था। इस विमान में 176 यात्री सवार थे, इन सभी यात्रियों को आतंकियों ने विमान में ही बंधक बना लिया था । आंतकी विमान का अपहरण करके कंधार (अफगानिस्तान) ले गए थे। आंतकियों ने एक यात्री रूपिन कत्याल की निर्मम हत्या भी कर दी थी । इसमें पांच अपहरणकर्ता भी सवार थे। भारतीय क्षेत्र में दाखिल होते ही विमान को अगवा कर लिया गया। पहले विमान को अमृतसर, लाहौर और दुबई के रास्ते अफगानिस्तान के कंधार एयरपोर्ट ले जाया गया। आतंकियों ने विमान का अपहरण अपने कुछ साथियों को भारत से मुक्त कराने के लिए किया था । भारत सरकार ने यात्रियों को सुरक्षित वापस लाने के लिए तीन आतंकी मौलाना मसूद अजहर, उल उमर और हिजबुल मुजाहिद्दीन के चीफ कमाडर मुश्ताक जरगर उर्फ लटरम को रिहा करने के बाद विमान और यात्रियों को आतंकियों के कब्जे से मुक्त कराया था। अफगानिस्तान में तालिबान-हुकूमत के बारे में भारत की कम जानकारी ने भारतीय अधिकारियों और अपहर्ताओं के बीच वार्ताओं को मुश्किल बना दिया । तालिबान ने भारतीय विशेष सैन्य बलों द्वारा विमान पर धावा बोलने से रोकने की कोशिश में अपने सशस्त्र लड़ाकों को विमान के पास तैनात कर दिया। अपहरण का यह सिलसिला सात दिनों तक चला और भारत द्वारा तीन इस्लामी आतंकवादियों को छोड़ने के बाद विमान को आतंकियों से मुक्त कराया जा सका था ।
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