इजरायल ने संयुक्त संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद को कंगारू कोर्ट बताते हुए गाजा में हमास के खिलाफ चल रही कार्रवाई की जांच करने के परिषद के प्रस्ताव की निंदा की है। तेल अवीव ने प्रस्ताव को हास्यास्पद बताते हुए न केवल झुकने से इन्कार कर दिया, बल्कि इजरायली टैंकों ने संयुक्त राष्ट्र की ओर से संचालित स्कूल पर गोले भी बरसाए जिसमें 15 लोगों की जान चली गई और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। मरने वालों में ज्यादातर बच्चे बताए गए हैं। इजरायल ने यूएनएचआरसी में पारित प्रस्ताव को धता बताते हुए गाजा पंट्टी में गुरुवार को भी बमबारी जारी रखी। गाजा पंट्टी के उत्तरी इलाके में स्थित बेत हनौन में स्थित स्कूल में इजरायली टैंकों ने बमबारी की। हमले में 15 लोगों की मौत हो गई और करीब दो सौ लोग घायल हुए हैं। स्कूल का इस्तेमाल शरणार्थी शिविर के रूप में भी हो रहा था। मीडिया रिपोर्टो में कहा गया है कि धमाकों के बाद स्कूल में खून पसरा देखा गया। गाजा में लड़ाई के 17वें दिन करीब 70 लोगों को जान से हाथ धोना पड़ा। संघर्ष में मरने वाले फलस्तीनियों की संख्या 770 पहुंच गई है। इजरायल के भी 34 नागरिक मारे गए हैं। इजरायली सेना अब तक 475 घरों को नेस्तनाबूद कर चुकी है। इसके अलावा 2,644 घर, 46 स्कूल, 56 मस्जिद और सात अस्पतालों को नुकसान पहुंचा है।
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