लाख की नाक - इसनाटक में मान-सम्मान की प्रतीक नाक के बारे में बताया गया है। आम इंसान हो या राजा-महाराजा, मान-सम्मान की बात आती है तो सभी के लिए अपनी नाक महत्वपूर्ण हो जाती है। हर किसी को नाक कटने या अपनी इज्जत के धूमिल होने का भय सताता है। यही इस नाटक में दिखाया गया।
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