राजघानी जयपुर के रवींद्र मंच पर ‘गोलमाल’ नाटक का मंचन हुआ....हास्य आधारित नाटक में एक प्रोफेेसर परिवार को दर्शाया गया...जिसमें एक लडका और एक लडकी है.. पूरा परिवार लडकी की शादी को लेकर चिंतित है...लेकिन उसकी शादी दहेज के कारण रूकी हुई है ...ऐसे में भी प्रोफेसर अपने बेटे की शादी में मोटा दहेज लेना चाहता है...लेकिन ठहाकों के बीच आगे बढ़ती कहानी के दौरान प्रोफेेसर समाज की दकायानूसी को ताक पर रखते हुए अच्छे मार्ग पर आगे बढ़ जाता है...गोलमाल नाटक के लेखक शकीलराज-समीरराज ने सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया और नाटक ने सभी कला प्रेमियों को हंसी में लोटपोट कर दिया।
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