राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती आज.........
(India) राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की आज 106वीं जयंती है, उनके गुजरे हुए 40 साल से अधिक का वक्त बीत चुका है मगर उनकी रचनाएं आज भी देश के बच्चे-बच्चे की जुबां पर बनी हुई हैं. उनका गांव सिमरिया उनकी जयंती के मौके पर हर साल उनकी याद में कार्यक्रम आयोजित करता है, इस साल भी वहां दो दिवसीय आयोजन होने जा रहा है। रामधारी सिंह दिनकर का जन्म बिहार के सिमरिया गांव में 23 सितम्बर 1908 में हुआ. यह गांव मिथिला-भूमि का एक तीर्थ-स्थल भी माना जाता है जो दो नदियों से घिरा हुआ है. गंगा नदी पर निर्मित राजेन्द्र-सेतु का उत्तरी किनारा सिमरिया गांव के साथ लगता है. रामधारी सिंह पिता बाबू रवि सिंह व माता मनरूप देवी की दूसरी संतान थे. साधारण कृषक परिवार से सम्बंधित दिनकर अभी एक वर्ष के ही थे कि उनके पिता का देहावसान हो गया. मां ने आर्थिक विषमताओं को झेलते हुए बेटों का पालन पोषण किया. साम्प्रदायिक एकता, राष्ट्रीयता, जातीय सद्भावना उन्हें अपने उस परिवेश से मिली जहां बोरो गांव में हिन्दु-मुस्लिम छात्र एक राष्ट्रीय पाठशाला में हिन्दी-उर्दू इकट्ठे पढ़ते थे. यहीं से दिनकर को कविता के प्रति रुचि पैदा हुई.गोपाल कृष्ण कौल से एक भेंट वार्ता के दौरान उन्होंने बताया मैं न तो सुख में जन्मा था, न सुख में पल कर बढ़ा हूँ. किन्तु मुझे साहित्य का काम करना है, यह विश्वास मेरे भीतर छुटपन से ही पैदा हो गया था. इसलिए ग्रेजुएट होकर जब मैं परिवार में रोटी अर्जित करने में लग गया तब भी, मेरी साहित्य की साधना चलती रही.

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।