(India)
हीरो इस तरह से दुनिया की नंबर 1 टू-वीलर कंपनी का खिताब बनाए रखने की तैयारी कर रही है। पान की होंडा मोटर के साथ 26 साल के जॉइंट वेंचर से अलग होने के बाद हीरो मोटोकॉर्प ने नए प्रॉडक्ट्स की रिसर्च और डेवलमेंट कैपेबिलिटी पर काम शुरू कर दिया है। कंपनी ने इसके लिए मार्कस ब्राउंसपर्गर को हायर किया है, जो पहले बीएमडब्ल्यू में इंजिनियर थे। हीरो इस फिस्कल ईयर के मध्य तक नए प्रॉडक्ट लाने की भी तैयारी कर रही है। कंपनी के न्यू टेक्नॉलजी पार्टनर यूएस के EBR, इंजन्स इंजिनियरिंग ऑफ इटली और ऑस्ट्रिया के AVL के कोलैबरेशन के बाद कंपनी का यह पहला प्रॉडक्ट होगा। हीरो टारगेट हासिल करने के लिए कपेसिटी बढ़ा रही है, नई बाइक डिवेलप कर रही है और कई नए देशों में बिजनस ले जा रही है। मार्च 2015 को खत्म होने वाले फिस्कल ईयर में कंपनी को सेल्स पिछले साल की तुलना में डबल डिजिट से बढ़ने की उम्मीद है। पिछले फाइनैंशल ईयर में कंपनी की सेल्स 60.2 लाख यूनिट्स रही थी। मुंबई में मोतीलाल ओसवाल ग्लोबल इन्वेस्टर्स कॉन्फ्रेंस में कंपनी के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर पवन मुंजाल ने कहा कि 2020 तक विदेश से कंपनी 10 पर्सेंट वॉल्यूम हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि तब तक हिरो मोटोकॉर्प 20 मैन्युफैक्चरिंग और असेंबलिंग फसिलिटी के साथ 50 देशों में प्रॉडक्ट बेच रही होगी। हीरो दक्षिण भारत में छठा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की भी सोच रही है। इससे कंपनी को कपेसिटी बढ़ाने में मदद मिलेगी। वह अपनी कपेसिटी को 2020 से दो साल पहले 1.2 करोड़ यूनिट्स तक ले जाएगी। कंपनी के चार प्लांट उत्तरी भारत में हैं। इनमें से हरियाणा और उत्तराखंड में एक-एक, राजस्थान में एक कंपनी प्लांट है। कंपनी का पांचवां प्लांट गुजरात के हलोई में बन रहा है। जून में तैयार कंपनी के चौथे मैन्युफैक्चरिंग प्लांट राजस्थान के नीमराणा में कंपनी 7.65 मिलियन यूनिट्स का प्रॉडक्शन कर सकती है। हीरो के कोलंबिया और बांग्लादेश में भी प्लांट हैं।
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