140 साल पहले बनाई थी पहली ब्लू जींस
(India) लेवी ने एक साल इनसे काम सीखा। फिर रिश्तेदारों के पास केन्टुकी गए। यहां उन्होंने तीन साल तक फेरी लगाकर कपड़े बेचे। इसी दौरान उन्होंने अपना स्टोर खोलने का मन बनाया। सेन फ्रांसिसको आकर बहनोई डेविड स्टर्न के साथ मिलकर स्टोर खोला, जिसे लेवी स्ट्रॉस एंड कंपनी नाम दिया। लेवी जर्मनी से साथ लाए मोटा कपड़ा खदान मजदूरों को बेचने लगे। रफ एंड टफ होने के कारण मजदूर इसका पैंट सिलवाते थे। मांग ज्यादा होने के कारण जल्द ही कपड़े का स्टॉक खत्म हो गया। लेवी ने इसका विकल्प ढूंढ़ लिया। वे फ्रांस के शहर नाइम्स से मोटा डेनिम फेब्रिक मंगवाने लगे, जिसे नीला करने के लिए नील से डाई करवाते थे। मजदूरों ने इसे भी हाथों हाथ लिया। अगले 13 वर्षों में लेवी का बिजनेस तीन गुना बढ़ गया।

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