(Udaipur, Udaipur)
उदयपुर में मेयर पद के प्रत्याशी के नामांकन के बाद अब सभी की नजरें डिप्टी मेयर चुनाव पर टिकी हैं। 21 सितंबर को मेयर की वोटिंग के बाद 22 सितंबर को डिप्टी मेयर का नामांकन और वोटिंग होगी। भाजपा पंकज बोराणा या दिनेश भट्ट में से किसी एक को डिप्टी मेयर पद के लिए मौका दे सकती है।
पंकज बोराणा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं, जबकि पूर्व जिलाध्यक्ष दिनेश भट्ट ब्राह्मण समाज से जुड़े प्रमुख चेहरे हैं। मेयर पद पर पार्टी के जैन चेहरे को मौका देने के बाद सामाजिक प्रतिनिधित्व के लिहाज से इन दोनों में से किसी एक पर दांव लगाए जाने की चर्चा है।
रिपोर्ट के अनुसार, दिनेश भट्ट मेयर नहीं बनने की स्थिति में डिप्टी मेयर पद के लिए भी दावेदारी जता रहे हैं। वहीं पार्टी के भीतर क्रॉस-वोटिंग की आशंका भी चर्चा में है। उदयपुर में निकाय चुनाव में पहले भी क्रॉस-वोटिंग की स्थिति सामने आती रही है, हालांकि इस बार ऐसी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
इस बीच समर और भट्ट जैसे दिग्गज चेहरों के साइडलाइन होने से कुछ पार्षदों के क्रॉस-वोटिंग करने की आशंका जताई जा रही है। भाजपा के भीतर पार्षदों के बीच समीकरणों को लेकर भी चर्चा तेज है।
प्रमोद सामर और दिनेश भट्ट के पार्टी से नाराज होने की भी चर्चा है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों किसी पदाधिकारी से सीधे बात किए बिना अपने स्तर पर विरोध जता रहे हैं। पार्टी पदाधिकारियों से मुलाकात के दौरान उनके परिजनों ने भी टिकट और चुनाव से जुड़े फैसलों को लेकर सवाल उठाए।
दूसरी ओर, पारस सिंघवी के मेयर पद के नामांकन के बाद पूर्व पार्टी प्रदेशाध्यक्ष के इस्तीफे के मुद्दे से भी पार्टी के भीतर हलचल की चर्चा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस घटनाक्रम के बाद कुछ प्रमुख नेताओं ने संबंधित नेताओं से मुलाकात कर उन्हें समझाने का प्रयास किया।
सिंघवी के मेयर प्रत्याशी बनने के बाद कटारिया परिवार से जुड़े राजनीतिक समीकरण भी बदलते दिखाई दे रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि कटारिया के दोनों दामादों के डिप्टी मेयर बनने की संभावनाएं अब कम हो गई हैं। इसके साथ ही सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को लेकर भाजपा के सामने डिप्टी मेयर चयन को लेकर चुनौती बनी हुई है।
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