शोधकर्ताओं के मुताबिक यह विडियो सन 1944 में बनाया गया है। शोधकर्ताओं को 17 सेकंड का यह वीडियो अमरीकी आर्काइव्ज में मिला है जिसमें लाइन में खड़ीं महिलाएं एक सैनिक से बात करती दिख रही हैं। दूसरे विश्व युद्ध के समय जापानी सैनिकों द्वारा सेक्स स्लेव्स का इस्तेमाल हमेशा से विवादित मुद्दा रहा है। जापान के उपनिवेश में रह चुके दक्षिण कोरिया का ऐसा मानना है कि जापानी सैनिकों ने 2 लाख कोरियाई महिलाओं को जबरन देह व्यापार में ढकेल दिया।
अभी तक कोरियाई दावे को प्रणाणित करने के लिए फोटोग्राफ्स और पीड़ित ही सबूत थे। यह विडियो यूएस नैशनव आर्काइव्ज ऐंड रिकॉर्ड्स एडिमिनिस्ट्रेशन से मिला है जहां यह बीते 70 साल से धूल खा रहा था। सोल यूनिवर्सिटी और सोल सरकार की एक टीम ने इस विडियो को पहले से मौजूद तस्वीरों से मिलाया और महिलाओं को उनके कपड़ों से पहचाना। इस स्टडी का हिस्सा रहे यूनिर्सिटी के प्रफेसर कांग संग ने बताया कि विडियो में महिलाओं का नंगे पैर होना इस बात की गवाही देता है कि उन्हें गुलाम बनाया गया था।
दिसंबर 2015 में जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने सैनिकों द्वारा सेक्स स्लेव बनाई गईं कोरियाई महिलाओं से माफी मांगी थी और पीड़ितों को 45 करोड़ रुपये से ज्यादा की सहायता देने का वादा किया था।
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