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सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं के बाद अब छात्रों और अभिभावकों की निगाहें रिजल्ट पर टिकी हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय बच्चों पर अंकों का दबाव डालना उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है।
नोएडा वर्ल्ड्स स्कूल, सेक्टर-48 की प्रधानाध्यापिका Sunita Khatana ने कहा कि बोर्ड परीक्षा के बाद रिजल्ट का इंतजार कई छात्रों में तनाव और चिंता पैदा कर देता है। ऐसे समय में माता-पिता को बच्चों का मनोबल बढ़ाने और उन्हें सकारात्मक माहौल देने की जरूरत होती है।
उन्होंने बताया कि कई बार अभिभावक पहले से ही बच्चों का भविष्य तय कर देते हैं और उन्हें साइंस या कॉमर्स जैसी किसी खास स्ट्रीम चुनने के लिए दबाव डालते हैं। इससे छात्रों का मानसिक दबाव और बढ़ जाता है। इसलिए जरूरी है कि आगे की पढ़ाई और स्ट्रीम का चुनाव बच्चे की रुचि और क्षमता के आधार पर ही किया जाए।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद बच्चों को अगली पढ़ाई के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए। उन्हें कुछ समय आराम और मानसिक रूप से तरोताजा होने का मौका देना जरूरी है, ताकि वे आगे की पढ़ाई के लिए नए उत्साह के साथ तैयार हो सकें।
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