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मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश ने कई जिलों में हालात बिगाड़ दिए हैं। सतना, चित्रकूट, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। सबसे ज्यादा असर चित्रकूट में दिखाई दे रहा है, जहां करीब 18 घंटे से लगातार मूसलाधार बारिश होने के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है।
चित्रकूट में गोरगी बांध के क्षतिग्रस्त होने के बाद आसपास के कई इलाकों में पानी भर गया। मंदाकिनी नदी भी तेज बहाव के साथ उफान पर है। बताया जा रहा है कि नदी में करीब 30 फीट ऊंची बाढ़ आई है।
तेज बहाव के कारण चित्रकूट के रामघाट क्षेत्र में करीब 300 मीटर लंबा पुल बह गया। पुल के बहने से स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है और लोगों को नदी तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
मध्य प्रदेश के साथ उत्तर प्रदेश और बिहार में भी बारिश का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के 47 शहरों में आंधी और बारिश की संभावना जताई है।
लगातार बारिश के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है। प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
ओडिशा में भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य के तीन जिलों में 67 हजार से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं।
मौसम विभाग ने राज्य के उत्तरी और तटीय हिस्सों में 2 सितंबर तक भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में आने वाले दिनों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मुश्किलें और बढ़ने की आशंका है।
बिहार में गंगा और गंडक नदियां कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बाढ़ के कारण राज्य में 50 हजार से ज्यादा घरों में पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के सामने सुरक्षित स्थानों पर जाने और रोजमर्रा की जरूरतों की व्यवस्था करने की चुनौती बनी हुई है।
लगातार बारिश का असर हिमाचल प्रदेश में भी दिखाई दे रहा है। राज्य में बारिश और भूस्खलन के कारण 67 सड़कें बंद बताई गई हैं। इससे कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ है।
प्रशासन और संबंधित विभाग बंद सड़कों को खोलने और प्रभावित क्षेत्रों में संपर्क बहाल करने के प्रयास में जुटे हैं।
राजस्थान में मानसून की शुरुआत के बाद शुक्रवार ऐसा पहला दिन रहा, जब राज्य में किसी भी स्थान पर बारिश दर्ज नहीं की गई।
बारिश थमने के साथ कई शहरों में तापमान बढ़ा। अलवर समेत 15 शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक दर्ज किया गया।
देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का अलग-अलग असर देखने को मिल रहा है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा में जहां भारी बारिश और बाढ़ की चुनौती बनी हुई है, वहीं राजस्थान में बारिश रुकने के बाद तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
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