(India)
दरअसल पूरी दुनिया खासकर पश्चिमी देशों में यह गांव अपने खास किस्म के चरस के कारण मशहूर है। पश्चिमी देशों में इसे मलाना क्रीम के नाम से जाना जाता है। न्यूयार्क जैसे शहरों के रेस्तरां के चरस मेनू में मलाना क्रीम की कीमत सबसे ज्यादा है। इस दुर्गम और ख़ूबसूरत गांव को भारत का लिटिल ग्रीस भी कहा जाता है। इस गांव का अनूठा प्राचीन लोकतंत्र भी इसकी दूसरी विशेषता है। गांव के प्राचीन लोकतंत्र में नेता चुना नहीं जाता, बल्कि यहां नेता थोपे जाते हैं। भारत में चरस की खेती पर पाबंदी है, लेकिन इस दुर्गम इलाके की भौगोलिक स्थिति का फ़ायदा उठाकर इंटरनेशनल चरस माफिया चरस की खेती करवाते हैं। मलाना में अक्सर विदेशी नागरिकों का जमावड़ा लगा रहता है। मलाना गांव समुद्र टल से करीब 13000 फीट की ऊंचाई पर है। कुछ साल पहले तक इस दुर्गम गांव के बारे में लोगों को पता नहीं था। हिमाचल के इस गांव में जमकर बर्फ गिरती है। जब बर्फ पिघल जाती है तब यह चरस के बीज रोप दिए जाते हैं। कुछ ही दिनों में चरस का पेड़ तैयार हो जाता है। चरस माफिया इलाके की भौगोलिक स्थिति का खूब फायदा उठाते हैं
Author: JAN TV Editorial Team
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