तलाकशुदा मां-बाप के बच्चों में नशे का खतरा ज्यादा
(India) दोनों का साथ और प्यार उन्हें कई बार न केवल बुरी संगत से बचाता है, बल्कि शराब और चरस जैसे नशीले पदार्थो से भी दूर रखता है, एक नए शोध में कहा गया है कि मां-बाप के साथ रहने वाले किशोरों की तुलना में एकल मां-बाप के संग रहने वाले किशोरों में शराब और चरस जैसे नशीले पदार्थो के इस्तेमाल की आशंका अधिक होती है, निष्कर्ष दिखाता है कि सिर्फ मां के साथ रहने वाले किशोरों में शराब पीने की आशंका 54 प्रतिशत अधिक होती है, अगर वे सिर्फ पिता के साथ रहते हैं, तो उनके धूम्रपान करने का खतरा 58 प्रतिशत अधिक होता है,
अमेरिकी की टेक्सास यूनिवर्सिटी के सहायक प्रोफेसर ईयूजबियस स्मॉल ने कहा कि हमारे शोध को ऐसी पारिवारिक संरचना और उसकी नीतियों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए, जिससे बच्चों के लिए सुरक्षात्मक माहौल बनाने और उनमें अच्छाई के गुण बनाने में मदद मिल सके, रिसर्चर्स ने पारिवारिक संरचना व अभिभावकों की शिक्षा से टिनएज पर पड़ने वाले प्रभाव को जानने के लिए करीब 14,268 किशोरों के आंकड़ों का विश्लेषण किया, स्मॉल ने निष्कर्ष निकाला, "किशोरों की सेहत पर लिंग, आयु और वे कहां रहते हैं, इनकी बजाय पारिवारिक संरचना और अभिभावकों की शिक्षा जैसे कारकों ने ज्यादा असर डाला." यह रिसर्च 'सोशल वर्क इन पब्लिक हेल्थ' पत्रिका में प्रकाशित हुआ है

Author: JAN TV Editorial Team

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