सामाजिक बदलाव के माध्यम के रूप में उभरा ‘सेल्फी’
(India) सेल्फी का अब एक नया रूप सामने आया है जहां इसका उपयोग युवा पीढी में बालिका शिक्षा के बारे में जागरूकता फैलाने के प्रयास के तौर पर किया जा रहा है। एक वैश्विक मानवाधिकार समूह ने लड़कियों को स्कूल भेजने का बीड़ा उठाया है और लोगों से उनकी ‘सेल्फी’ बनाने का आग्रह किया है। इस संबंध में ‘सेल्फीज4स्कूल’ अभियान की शुरुआत 5 सितंबर को शुरू हुई है जिसमें शिक्षित युवाओं से अपना फोटे खींचने और ट्विटर, फेसबुक जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट पर इसे सेल्फीज4स्कूल वाक्यांश के साथ पोस्ट करने का आग्रह किया है। मानवाधिकार संगठन की ओर से शुरू इस पहल में प्रत्येक सेल्फी पर 10 लड़कियों को स्कूल भेजने का वादा किया गया है। आयोजकों ने इसके तहत दिल्ली, मुम्बई और बेंगलुरु में अभियान को आगे बढ़ाने और इसके लिए मॉल एवं कालेजों में युवाओं तक पहुंच बनाने की बात कही है। संगठन की उपाध्यक्ष सोनाली खान ने कहा कि इस पहल का मकसद सेल्फी से जुड़ी पीढी को यह बताना है कि यह 10 लड़कियों को स्कूल भेजने में सक्रिय योगदान दे सकती है।

Author: Shiv Kishor

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