(India)
एक अध्ययन के मुताबिक प्रेग्नेंसी के दौरान स्मोकिंग करने वाली मदर्स के दैनिक जीवन में स्ट्रेस हार्मोन के लेवल में परिवर्तन होने के कारण नवजात शिशुओं में डीएनए के बदलने की संभावना बढ़ जाती है, अध्ययन में यह बात सामने आई है कि ऐसी मदर्स के नवजात शिशुओं में स्ट्रेस हार्मोन का स्तर डाउन होता है और उनके स्ट्रेस सिस्टम को दैनिक जीवन के स्ट्रेस के लिए तैयार नहीं किया जा सकता है, मरियम अस्पताल से प्रमुख शोधकर्ता लौरा स्ट्राउड ने बताया कि इन नवजात शिशुओं के दैनिक जीवन में तनाव को कंट्रोल करने के लिए पर्याप्त हार्मोनल तैयार नहीं किया जा सकता है, स्ट्राउड ने कहा, 'स्टडी के रिजल्ट के तौर पर यह बात सामने आई है कि प्रेग्नेंसी के दौरान स्मोकिंग करना, ऐसी मदर्स के नवजात के डीएनए को बदलने का मुख्य कारण होता है.' इस स्टडी में यह बातें भी सामने आई कि ऐसी मदर्स के बच्चों के बिहेवियर में प्राब्लम आती है और उनको बाद के जीवन में निकोटीन की लत लगने की संभावना बढ़ जाती है. यह स्टडी जर्नल साइकोन्यूरोइंडोक्रिनोलॉजी में प्रकाशित की गई थी
Author: JAN TV Editorial Team
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