यूपी के रुहेलखंड विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी से किताबों की चोरी अब नहीं हो पाएगी। किसी ने हिम्मत कर लाइब्रेरी से किताब उड़ाने में कामयाबी पा भी ली तो गेट पर पहुंचते ही मशीन चोर-चोर चिल्लाना शुरू कर देगी। मशीन के शोर से चोर पहचाना जाएगा और गार्ड उसको तुरंत पकड़ लेगा। यह संभव होने जा रहा है विवि की सेंट्रल लाइब्रेरी में लगने वाले आरएफआईडी सिस्टम से, जो न केवल चोरी बंद करेगा साथ ही सैकड़ों आलमारियों से मनचाही किताब पलक झपके खोज लेगा। किसी भी लाइब्रेरी प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती किताबों की चोरी रोकना है। हर साल रुहेलखंड विवि की सेंट्रल लाइब्रेरी से ही 100 से ऊपर महंगी किताबें चोरी हो जाती है। चोरी करने वाला कौन है, यह राज ही रह जाता है। कई किताबों के चोरी होने का पता तब चलता है जब कोई दूसरा व्यक्ति इसे इश्यू कराने आता है। इसके अलावा आलमारियों से किताबें खोजने में समय और मैन पॉवर दोनों लगती है। इसको देखते हुए विश्वविद्यालय ने सेंट्रल लाइब्रेरी ऑटोमेशन का फैसला किया है। विश्वविद्यालय की डिमांड पर यूपीडेस्को ने इस सिस्टम का पूरा प्रस्ताव बनाकर विवि के पास भेज दिया है।
Author: Kamal
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