कानूनी पेच में फंसा कोहिनूर
(India)
कोहिनूर अब कानूनी पेच में फंस गया है। फिलहाल यह हीरा ब्रिटेन की महारानी के ताज में जड़ा है। इसे वापस लाने के लिए ब्रिटेन में एक भारतवंशी ने महारानी पर मुकदमा किया है। वहीं, भारत में सुप्रीम कोर्ट इस मामले की सुनवाई कर रही है। 1972 के पुरावशेष एवं बहुमूल्य कलाकृति अधिनियम के तहत अवैध रूप विदेश भेजे गए वस्तुओं पर ही दावेदारी की जा सकती है। आजादी से पहले भेजी गई वस्तुओं पर यह कानून लागू नहीं होगा। 9 नवंबर, 2015 में भारतीय मूल के लोगों के समूह ‘माउंटन ऑफ लाइट’ ने लंदन हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कोहेनूर वापस देने की मांग की। इसमें महारानी एलिजाबेथ द्वितीय को पक्षकार बनाया गया। याचिकाकर्ता ने याचिका में कोहेनूर के अलावा टीपू सुल्तान की तलवार और अंगूठी के साथ ही बहादुरशाह जफर, झांसी की रानी, नवाब मीर अहमद अली बांदा से संबंधित सामग्रियां वापस लेने के प्रयास करने का भी अनुरोध किया गया है। माना जाता है कि पुरुषों के लिए यह हीरा अपशकुन है। इसलिए सिर्फ ब्रिटिश महारानी ही इसे धारण करती है।

Author: Kamal

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