प्रत्याशियों को आपराधिक मामलों की जानकारी अखबारों में प्रकाशित कराना जरूरी
(RAJASTHAN, RAJASTHAN) चुनाव लड़ रहे सभी प्रत्याशियों को अपने आपराधिक मामलों की जानकारी समाचार-पत्रों में प्रकाशित कराना जरूरी है। यह जानकारी एक बार नहीं बल्कि तीन बार प्रकाशित करानी होगी। ऐसा नहीं करने वाले प्रत्याशियों की दावेदारी भी निरस्त हो सकती है। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग ने 23 नवम्बर से पांच दिसम्बर तक समय तय किया है। आयोग ने यह प्रयोग पहली बार किया है और इसे अनिवार्य रखा है।

आयोग के दिशा-निर्देशों के बाद पिछले दिनों राज्य निर्वाचन विभाग ने भी एक आदेश जारी कर प्रदेश के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों तथा समस्त रिटर्निंग अधिकारियों को पाबंद किया है कि इसकी आवश्यक रूप से पालना कराएं।

उच्चतम न्यायालय द्वारा गत 25 सितम्बर को पारित निर्णय के अनुसरण में भारत निर्वाचन आयोग ने विस्तृत निर्देश दिए हैं। इसके तहत प्रारूप 26 में संशोधन किया गया है। इसके अनुसार फॉर्मेट सी-1 में चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थी द्वारा अपने आपराधिक रिकॉर्ड की सूचना निर्वाचन क्षेत्र में व्यापक रूप से प्रकाशित होने वाले समाचार-पत्रों में एवं टीवी चैनल्स में निर्धारित अवधि 23 नवंबर से पांच दिसम्बर तक के दौरान तीन अलग-अलग तिथियों पर प्रकाशित-प्रसारित करानी होगी।

यह सूचना समाचार-पत्र के समस्त संस्करणों में प्रकाशित एवं टीवी चैनल पर भी राज्य स्तर पर प्रसारित करानी होगी। इसी प्रकार फॉर्मेट सी-2 में राजनैतिक दलों की ओर से अपने अभ्यर्थियों के संबंध में आपराधिक रिकॉर्ड यदि कोई हो, उसकी सूचना राज्य में इसी अवधि के दौरान निर्देशानुसार प्रकाशित-प्रसारित करानी होगी। राजनैतिक दलों को यह सूचना अपनी वेबसाइट पर भी प्रदर्शित करनी होगी।

Author: JAN TV Editorial Team

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