(India)
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर. के. सिंह ने कल ही इसे स्वीकार किया। उन्होंने बताया कि चीन ने दिसंबर 2021 से तीन बार पावरग्रिड को हैक करने की कोशिश की। तीन बार साइबर हमले करने के बावजूद वह अपने मंशूबे में कामयाब नहीं हो सका। इसके लिए जिस नेटवर्क का इस्तेमाल होता है, उसे ही पावर ग्रिड कहा जाता है। एक तरह से कहें तो बिजली आप तक पहुंचने से पहले तीन चरणों से गुजरते हैं। पहला चरण पावर जनरेशन, दूसरा चरण और तीसरा चरण पावर डिस्ट्रीब्यूशन।
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