जेएलएफ में आयोजित नेचर ऑफ फियर-सोर्स ऑफ करेज विषय पर लेखक रविश कुमार ने शायराना अंदाज़ में की लोगो से बातचीत
(Jaipur, Jaipur) जब सरगोशियां बंद हो जाएं तो दीवारों पर कान लगाएं कि आवाज क्यों नहीं आ रही, फिर भी आवाज ना आए तो देखे कहीं दीवार तो गायब नहीं हो गई है।

कुछ यूं ही शायराना अंदाज में पत्रकार, लेखक रवीश कुमार ने जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल के दौरान अपनी बात लोगों के सामने रखी। जेएलएफ में शुक्रवार को नेचर ऑफ फियर-सोर्स ऑफ करेज विषय पर आयोजित सेशन में सत्यानंद निरूपम और रवि सिंह ने रवीश कुमार से बात की। इस दौरान रवीश ने कहा कि जब हम बड़े होते हैं तो कई तरह के डर होते हैं।

रवीश ने कहा कि वर्तमान में मौन रहोगे तो महान कहलाओगे, यह डर है हालांकि अपराधी को अपराधी ही कहना चाहिए। देश की जनता बड़ी लड़ाई लड़ने को तैयार नहीं है। छोटी लड़ाई लड़े, उस गोदी मीडिया को बंद करें, चैनल को बंद करें। हल्की लड़ाई लड़े जिससे लड़ने के लिए तैयार रहे। उन्होंने कहा कि साध्वी प्रज्ञा ने बोला कुछ नहीं हुआ, सांसद के खिलाफ कुछ नहीं हो रहा।नफरत का कोई दो साइड नहीं होता, अब सच क्या है इसका अधिकार भी पीआईबी को दे दिया गया है।

Author: JAN TV Editorial Team

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