गाने के दृश्यों में एक और चीज ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है। यह है रावण की प्रसिद्ध दिव्य तलवार चंद्रहास। पौराणिक मान्यताओं में इस तलवार का विशेष स्थान है। ऐसे में फिल्म के गाने में इसकी झलक सामने आने के बाद लोग जानना चाहते हैं कि आखिर चंद्रहास तलवार रावण को कैसे प्राप्त हुई थी और इसके पीछे कौन-सी पौराणिक कथा जुड़ी है।
उत्तर कांड में मिलता है रावण और भगवान शिव का प्रसंग
रामायण के उत्तर कांड में रावण और भगवान शिव से जुड़ा एक रोचक प्रसंग मिलता है। पौराणिक कथा के अनुसार, रावण अपनी असाधारण शक्ति और विजय के अभिमान में चूर था। अपनी ताकत के घमंड में वह भगवान शिव के निवास कैलाश पर्वत तक पहुंच गया। यहां उसने ऐसा कदम उठाया, जिसके कारण उसे महादेव के क्रोध का सामना करना पड़ा।
कथा के अनुसार, रावण ने कैलाश पर्वत को उठाने का प्रयास किया। उसे अपनी शक्ति पर इतना भरोसा था कि वह भगवान शिव के निवास को भी हिला देने की कोशिश करने लगा। लेकिन महादेव ने अपने पैर के अंगूठे से पर्वत को दबा दिया। इससे रावण के हाथ पर्वत के नीचे दब गए और वह असहनीय पीड़ा से कराह उठा।
जब रावण ने शिव की स्तुति में किया तांडव
कैलाश के नीचे फंसने के बाद रावण को अपनी शक्ति की सीमाओं का एहसास हुआ। मान्यता है कि इसी दौरान उसने भगवान शिव की स्तुति की और उनकी आराधना में स्वयं को समर्पित कर दिया। रावण की इस भक्ति से जुड़ी कथा शिव तांडव स्तोत्र के साथ भी लोकप्रिय रूप से जोड़ी जाती है।
रावण के इस प्रसंग में शक्ति और अहंकार के साथ-साथ भक्ति और समर्पण का भाव भी दिखाई देता है। यही वजह है कि रावण का चरित्र भारतीय पौराणिक कथाओं में केवल एक शक्तिशाली राजा के रूप में ही नहीं, बल्कि भगवान शिव के अनन्य भक्त के रूप में भी चर्चित रहा है।
भगवान शिव ने रावण को क्यों दी चंद्रहास तलवार?
पौराणिक कथा के अनुसार, रावण की स्तुति और भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उसे क्षमा कर दिया। इसके बाद महादेव ने उसे दिव्य तलवार चंद्रहास प्रदान की। इस तलवार को भगवान शिव का विशेष वरदान माना जाता है।
चंद्रहास का उल्लेख रावण की शक्ति और उसके पौराणिक व्यक्तित्व से जुड़ा हुआ है। हालांकि, इस दिव्य अस्त्र को प्राप्त करने की कथा के अलग-अलग वर्णनों में विवरण भिन्न मिल सकते हैं।
फिल्म रामायण के रावण तांडव गाने में चंद्रहास की झलक ने इस प्राचीन कथा को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब दर्शकों की दिलचस्पी इस बात में भी है कि फिल्म में रावण के चरित्र, उसकी शिवभक्ति और उसके दिव्य अस्त्रों को किस तरह पर्दे पर प्रस्तुत किया जाएगा।
Digital Desk: Neha Sharma
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