(JHARKHAND, India)
झारखंड के श्रम मंत्री के बयानो ने तूल पकड़ ली है। गौरतलब है कि मंत्री ने कहा था कि सरकारी सेवकों के तबादला पदस्थापन में मुख्यमंत्री से लेकर विधायकों की पैरवी सुनी गयी है। हांलाकि मंत्री के पक्ष में झामुमो उतरी है तो भाजपा ने कहा कि बडे पैमाने पर पैसों का लेन देन हुआ है। वहीं मंत्री ददई दूबे अब भी अपने बयानो पर कायम है और कहते है कि दरोगा, बीडीओ और सी ओ की पोस्टीगं पैरवी से ही होती रही है। पहले पर्दे के पीछे में सारी बातें रह जाया करती थी। इस पर से हमने कपडा हटा दिया हे। मंत्री यह भी कहतें है कि जिनलोगों ने पैरवी की है सबकी सूची उनके पास है और समय आने पर उसे दिखाया भी जा सकता है। वहीं भाजपा के प्रवक्ता कमाल खान ने कहा कि हेमंत सरकार गठन के समय भाजपा ने यह अंदेशा जताया था कि इस सरकार में जमकर लूट होगी। इसका सच श्रममंत्री के बयान से सामने आ गया।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।