चक्रवाती तूफान अर्नब के प्रभाव से अलवर और कोटपूतली-बहरोड़ में सुबह से बारिश शुरू हो गई। इसके चलते प्रदेश के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदल गया। हालांकि, बारिश भी मतदाताओं के उत्साह को कम नहीं कर पाई। कुछ मतदाता छाता लेकर तो कुछ बारिश में भीगते हुए मतदान केंद्रों तक पहुंचे और अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
जोधपुर में सरपंच चुनाव के लिए सिर्फ 21 मतदाता करेंगे मतदान
जोधपुर जिले की तिंवरी पंचायत समिति की डिगाड़ी ग्राम पंचायत में सरपंच पद पर निर्विरोध निर्वाचन नहीं हो पाने के बाद ग्रामीणों ने बीच का रास्ता निकाला है। अब यहां सरपंच का चुनाव कराने के लिए केवल 21 मतदाता ही वोट डालेंगे। इस फैसले के बाद गांव में सीमित संख्या में मतदान कराया जा रहा है।
कोटा में 81 वर्षीय धापू बाई ने किया मतदान
कोटा जिले के खैराबाद क्षेत्र में भी चुनाव को लेकर उत्साह दिखाई दिया। पंचायत समिति क्षेत्र के अमरपुरा गांव में 81 वर्षीय धापू बाई अपने पोते के साथ मतदान केंद्र पहुंचीं। उन्होंने लाठी के सहारे बूथ तक पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया। बुजुर्ग महिला का मतदान के प्रति यह उत्साह अन्य मतदाताओं के लिए भी प्रेरणा बना।
सीकर में बुजुर्ग महिलाओं ने दिखाया मतदान के प्रति उत्साह
सीकर जिले की श्रीमाधोपुर पंचायत समिति के मऊ गांव स्थित बूथ संख्या 77 पर कांग्रेस के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह ने मतदान किया। वहीं, जिले में पंच-सरपंच चुनाव को लेकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखने को मिला। कई बुजुर्ग महिलाएं लाठी के सहारे मतदान केंद्र पहुंचीं और अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।
झालावाड़ में 102 साल के हसन शाह ने डाला वोट
झालावाड़ जिले की बकानी पंचायत समिति में 102 वर्षीय मतदाता हसन शाह ने मतदान किया। उम्र के इस पड़ाव पर भी मतदान केंद्र पहुंचकर उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी भागीदारी निभाई और मतदान के महत्व का संदेश दिया।
डूंगरपुर में ग्रामीणों ने किया मतदान का बहिष्कार
डूंगरपुर जिले की आसपुर पंचायत समिति की उस्मानिया ग्राम पंचायत के एकड़ा फला के ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार किया है। ग्रामीणों ने मतदान करने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि परिसीमन से पहले उनका गांव कतिसौर ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता था, लेकिन नए परिसीमन के बाद इसे उस्मानिया ग्राम पंचायत में शामिल कर दिया गया।
इसी फैसले से नाराज ग्रामीणों ने मतदान नहीं करने का निर्णय लिया। गांव में करीब 150 मतदाता हैं। ग्रामीणों की मांग है कि उनकी समस्या पर ध्यान दिया जाए।
पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने किया मतदान
सीकर के पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने पिपराली ग्राम पंचायत के शहीद सरफुद्दीन राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय स्थित मतदान केंद्र पर पहुंचकर वोट डाला।
मतदान के बाद उन्होंने कहा कि पंच और सरपंच का चुनाव लोकतंत्र की नींव है। केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को गांवों तक पहुंचाने में सरपंच और वार्ड पंचों की अहम भूमिका होती है। ग्रामीण विकास के लिए इन जनप्रतिनिधियों का चयन बेहद महत्वपूर्ण है।
अजमेर के पाटन गांव में मतदान के लिए लगी लंबी कतारें
अजमेर जिले के किशनगढ़ क्षेत्र की सिरोही पंचायत समिति के पाटन गांव में मतदान को लेकर मतदाताओं में उत्साह नजर आया। यहां मतदान केंद्र पर वोट डालने के लिए लोगों की लंबी कतारें लगी हुई हैं।
गौरतलब है कि 28 अक्टूबर को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के दौरान ग्रामीणों ने हाईवे के कट पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुलिया निर्माण की मांग उठाई थी। मांग पूरी नहीं होने पर ग्रामीणों ने उस समय मतदान का बहिष्कार किया था। हालांकि, सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव में ग्रामीण अब मतदान कर रहे हैं।
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