14 वें वित्त आयोग के साथ अहम बैठक में राज्य सरकार ने केंद्र से मांगा ग्रीन टैक्स लगाने का अधिकार.....
(JHARKHAND, India) झारखंड में आधारभूत संरचना के विकास को लेकर राज्य सरकार ने केंद्रीय वित्त आयोग की टीम से एक लाख बयालीस हजार 98 करोड़ रुपए देने की मांग की है। जिसमें मुख्य रुप से सड़क बिजली पानी, शिक्षा स्वास्थ्य और सिंचाई के क्षेत्र को फोकस करने की बात कही गई है। रांची में 14वें वित्त आयोग की टीम और झारख्ंाड सरकार के बीच हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर छोटे राज्यों के साथ शोषण करने का आरोप लगाया दिया। वही झारखंड ने केंद्र सरकार से ग्रीन टैक्स लगाने का अधिकार मांगा है. वित्त आयोग के साथ बैठक में राज्य सरकार ने कोयला, पेट्रोल को गुड्स एंड सर्विस टैक्स यानी जीएसटी के दायरे से अलग रखने की मांग की है. इसके अलावा केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के लिए राज्य के पिछड़ेपन को 40 फीसदी महत्व देने का अनुरोध किया है. बैठक में राज्य सरकार ने आधारभूत संरचना को बढ़ा कर विकास के राष्ट्रीय औसत के स्तर तक पहुंचने के लिए अपनी जरूरतें बतायी. 14 वें वित्त आयोग के समक्ष झारखंड का पक्ष रखते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि खनिज संपदा से परिपूर्ण होने के बावजूद झारखंड के लोग गरीब हैं. पूरे देश का पोषक माना जानेवाले झारखंड का एक तरह से शोषण हो रहा है. राज्य की खनिज संपदा के बदले मिलनेवाली सालाना तीन हजार करोड़ की रॉयल्टी बिल्कुल नगण्य है.

Author: JAN TV Editorial Team

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