रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग लोकसभा सीट से बेटे नीलेश के हारने के बाद राणे के लिए स्थिति काफी असहज हो गई थी। इस सीट पर शिवसेना ने कब्जा जमाया। राणे का ऐसा मानना है कि कांग्रेस की गठबंधन सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने उनके बेटे को हार सुनिश्चित करने के लिए साजिश की। गौर हो कि सूबे की 27 लोकसभा सीटों में से कांग्रेस के खाते में महज दो सीटें आई। इस खराब प्रदर्शन के बाद राणे राज्य में कांग्रेस लीडरशिप से नाराज थे।
लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद राणे ने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था, लेकिन चव्हाण ने उनके इस्तीफे को नकार दिया था।
Author: JAN TV Editorial Team
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