गठबंधन तोड़ने के कांग्रेस के फैसले पर नेशनल कांफ्रेंस के नेता महबूब बेग ने कहा कि कांग्रेस को वह कहने का हक है जो वह कहना चाहती है लेकिन स्वीकार किया कि आगामी विधानसभा चुनाव कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस के लिए कठिन टास्क होगा। जम्मू कश्मीर में नवंबर में विधानसभा चुनाव होने हैं। 87 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 17 विधायक हैं। जनवरी 2009 में उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस की गठबंधन सरकार अस्तित्व में आई थी। सू्त्रों के मुताबिक दोनों दलों के कार्यकर्ता मिलकर चुनाव लड़ने के खिलाफ थे। हालांकि उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि कांग्रेस से गठबंधन तोड़ने का फैसला उनकी पार्टी का है। उमर अब्दुल्ला ने टि्वट किया कि दस दिन पहले उनकी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात हुई थी। उस दौरान कांग्रेस से गठबंधन तोड़ने के फैसले के बारे में जानकारी दे दी गई थी। अब्दुल्ला ने दावा किया कि उन्होंने गठबंधन तोड़ने की वजहें भी बताई थी लेकिन सार्वजनिक रूप से इसकी घोषणा इसलिए नहीं की गई क्योंकि हम अवसरवादी के रूप में नहीं लगना चाहते थे। गौरतलब है कि दोनों पार्टियों ने मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ा था। सभी तीन सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवार हार गए थे। इसके बाद से दोनों दलों के गठबंधन में दरार आ गई थी। शनिवार को जम्मू कश्मीर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की थी। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नेशनल कांफ्रेंस के साथ गठबंधन खत्म करने के लिए कहा था।
Author: JAN TV Editorial Team
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