कई हार के बावजूद कप्तानी नहीं छोड़ेंगे एलिस्टेयर कुक
(India) भारत ने ‘क्रिकेट के मक्का’ लार्डस पर 28 साल बाद टेस्ट मैच अपने नाम कर इतिहास रचा। महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई वाली टीम ने 95 रन की जीत से पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला में 1-0 से बढ़त बना ली। भारत ने लार्डस के मैदान पर 28 वर्षों में किसी टेस्ट मैच में पहली जीत दर्ज की है। इससे कपिल देव की टीम ने जून 1986 में पांच विकेट से जीत दर्ज कर यह उपलब्धि हासिल की थी। कुक ने मैच खत्म होने के बाद कहा कि यह कड़ी हार है। मुझे लगता है कि हमें भारत को काफी ज्यादा श्रेय देना होगा, उन्होंने हमें बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में पस्त किया। लार्डस की घास वाली पिच पर इंग्लैंड को टास जीतने के बावजूद शिकस्त झेलनी पड़ी। उन्होंने पिच के बारे में कहा कि पिछली पारी में भी, पिच टर्न ले रही थी और उछाल ले रही थी, यहां टास जीतना अच्छा था। लेकिन इसका श्रेय भारत को देना चाहिए, उन्होंने बेहतरीन खेल दिखाया। इंग्लैंड के सीनियर खिलाड़ी अपने रिकार्ड के अनुसार प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं जबकि युवाओं ने अच्छा खेल दिखाया है। कुक ने इसे खिलाड़ियों के आत्मविश्वास का मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि निश्चित रूप से यह आत्मविश्वास की बात है। हमारी टीम ऐसे खिलाड़ियों का समूह है जो इंग्लैंड के लिये जीत हासिल करने को बेताब है। हमारे युवा खिलाड़ियों ने काफी बढ़िया प्रदर्शन किया, जो इंग्लिश क्रिकेट के लिये अच्छा है। हां, सीनियर खिलाड़ी अपने रिकार्ड के मुताबिक नहीं खेल रहे हैं, जिसमें मैं भी शामिल हूं। मुझे भी रन बनाना होंगा। कुक ने मैट प्रायर की तारीफ करते हुए कहा कि उसमें अपार प्रतिभा है। इस समय मुझे लगता है कि वह देश का सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर बल्लेबाज खिलाड़ी है। उन्होंने टीम में जगह बनाने की चुनौती के बारे में कहा कि प्रत्येक खिलाड़ी को टीम में अपनी जगह हासिल करनी पड़ती है और प्रायर ‘फाइटर’ है। आप अपने ड्रेसिंग रूम में ऐसा खिलाड़ी रखना चाहोगे।

Author: JAN TV Editorial Team

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