यह जीत इसीलिए भी खास है, क्योंकि मीरा पहले भी ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप मंचों पर अपनी प्रतिभा साबित कर चुकी है। लेकिन एशियन गेम्स का पदक उनके करियर का उन उपलब्धियों में शामिल था। उन्हें लम्बे समय से इंतज़ार था।
मीराबाई ने अपनी पहली कोशिश में 83 किलोग्राम वजन उठाया। दूसरी कोशिश में 85 किलोग्राम और तीसरी कोशिश में 87 किलोग्राम वजन उठा कर शानदार प्रदर्शन किया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क राउंड में उन्होंने अपनी ताकत का अनुभव किया। इस राउंड में खिलाडी पहले वजन को कंधें तक उठाते है और फिर उसे सर के ऊपर ले जाते है।
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