(India)
ईशांत ने दूसरे टेस्ट में मिली जीत के बाद कहा, कई बार मुझे लगता है कि टीम के मेरे साथियों के अलावा मेरे प्रयासों को कोई दाद नहीं देता। आज भी चूंकि मुझे विकेट मिले हैं तो लोग मेरी सराहना कर रहे हैं। उन्होंने कहा, लेकिन कई बार मैं महंगा साबित हुआ और मेरी रणनीति नाकाम रही लेकिन किसी ने इस बात की प्रशंसा नहीं की कि मैं 80 ओवर से पुरानी गेंद से लगातार बाउंसर डाल रहा था। उन्होंने बीसीसीआई टीवी से कहा, मेरे साथ हमेशा ऐसा हुआ है और मुझे इसकी आदत हो गई है। मैं इतना अनुभवी तो हो गया हूं कि हर किसी की बात का मुझ पर असर नहीं होता। मुझे पता है कि मेरी टीम को मुझ पर भरोसा है और वे मेरे योगदान की सराहना करते हैं। मेरे लिए वही काफी है। ईशांत ने दूसरे टेस्ट की दूसरी पारी में 74 रन देकर सात विकेट लिए। उन्होंने कहा कि 2011 में लॉर्ड्स पर खेलने का अनुभव उनके काम आया। उन्होंने कहा, पिछली बार मैने यहां चार विकेट लिए थे। मुझे याद है कि पहले सत्र में अच्छी गेंदबाजी के बावजूद मुझे विकेट नहीं मिले थे। वापसी पर मैने चार विकेट चटकाये।
Author: JAN TV Editorial Team
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