(DELHI, India)
अन्नाद्रमुक सदस्य 'उस केंद्रीय द्रमुक मंत्री का नाम बताओ' के नारे लगाते हुए आसन के समक्ष आ गए। ये सदस्य विधि मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा दिए गए जवाब से संतुष्ट नहीं हुए। इस मुद्दे को लेकर लोकसभा की कार्यवाही शून्यकाल में दो बार स्थगित करनी पड़ी। इस मुद्दे को लेकर राज्यसभा में भी कार्यवाही बाधित हुई। सदन की बैठक सुबह शुरू होने पर अन्नाद्रमुक और द्रमुक सदस्य इस मुद्दे पर एक दूसरे से उलझते नजर आए जिससे कुछ देर के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई। लोकसभा में कानून मंत्री की ओर से इस मुद्दे पर बयान देने की अन्नाद्रमुक सदस्यों की मांग पर प्रसाद ने कहा कि वर्ष 2003 में कोलेजियम ने ‘कुछ आपत्तियां’ जताई थीं और कुछ सवाल किए थे तथा इसके बाद निर्णय किया गया कि संबंधित जज के मामले को नहीं लिया जाएगा। प्रसाद ने कहा कि लेकिन बाद में संप्रग शासन के दौरान प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से स्पष्टीकरण मांगा गया कि संबंधित जज के बारे में सिफारिश क्यों नहीं की जानी चाहिए। कोलेजियम ने फिर से कहा कि उनके नाम की सिफारिश होनी ही नहीं चाहिए।
Author: JAN TV Editorial Team
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