(DELHI, India)
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा अभियान में काम करते हुए 16 सैनिकों को जान गंवानी पड़ी। जेटली ने कहा कि सरकार सियाचिन ग्लेशियर के सामरिक महत्व को समझती है और इस क्षेत्र में खतरे की आशंका, जमीनी स्थिति और अन्य परिचालनात्मक जरूरतों को देखते हुए जरूरी संख्या में बलों की तैनाती की गई है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों और इस वर्ष जुलाई तक सियाचिन ग्लेशियर में जलवायु परिस्थितियों, भूस्खलन, बाढ़ और हिमस्खलन के कारण 50 सैनिक शहीद हुए। रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत ने विभिन्न देशों में संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षा अभियान में 7148 सैनिकों को तैनात किया है। पिछले तीन वर्षों में इन अभियान में 16 सैनिकों को जान गंवानी पड़ी।
Author: JAN TV Editorial Team
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