(DELHI, India)
काटजू ने मंगलवार को यहां कहा कि न्यायधीशों की नियुक्ति के लिए सात सदस्यीय राष्ट्रीय न्यायिक आयोग बनना चाहिए। इस आयोग में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ जज, कानून मंत्री और लोकसभा में नेता विपक्ष को बतौर सदस्य शामिल किया जाना चाहिए। काटजू ने यह भी कहा कि सात सदस्यीय न्यायिक आयोग को पहले कुछ जांच पड़ताल करना चाहिए और फिर इसके बाद जजों के नाम पर आम सहमति से तय करना चाहिए। उन्हें बैठक करना चाहिए और इस मसले को टेलीविजन पर प्रसारित किया जाना चाहिए ताकि पूरे देश के लोग इसे देख सकें। इस तरह इसमें पूरी तरह पारदर्शिता होगी। उन्हें (आयोग) संभावित उम्मीदवार को बुलाना चाहिए और फिर उनसे हाईकोर्ट में बतौर जज के कार्यकाल और निजी जिंदगी के बारे में सवाल पूछना चाहिए।, जैसा कि अमेरिका में होता है। काटजू ने ये बातें एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कही। काटजू ने कहा कि लोगों को यह जानने का अधिकार है कि किस तरह के लोग बतौर जज नियुक्ति किए जाएंगे। मैंने कहा है कि न्यायपालिका की प्रधानता होनी चाहिए। कोलेजियम सिस्टम पूरी तरह विफल हो गया है।
Author: JAN TV Editorial Team
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।