(India)
आईसीसी मैच रेफरी डेविड बून ने अली पर यह फैसला सुनाया। मोइन अली मैच के दूसरे दिन 'सेव गाजा' और 'फ्री फिलीस्तीन' का रिस्टबैंड पहनकर भारत-इंग्लैंड के मैच के दौरान मैदान पर देखे गए थे। इससे पहले, इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के बैंड पहनने के लिए अली को मंजूरी दे दी थी। बोर्ड ने कहा था यह सिर्फ मानवीय भावना से जुड़ा संदेश था। उसके पीछे कोई राजनीतिक मकसद नहीं था। लेकिन आईसीसी ने मंगलवार की सुबह यह बायान जारी किया कि आईसीसी उपकरण और वस्त्र नियमों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान राजनीतिक, धार्मिक या नस्ली गतिविधियों से जुड़े संदेशों के प्रदर्शन की अनुमति नहीं देती। मैच रैफरी ने मोइन अली को कहा कि वह क्रिकेट मैदान से बाहर अपने विचारों और भावनाओं को व्यक्त करने के लिए स्वतंत्र हैं। लेकिन खेल के मैदान पर इस तरह के रिस्टबैंड पहनने की मंजूरी नहीं दी जा सकती है। साथ चेतावनी दी कि अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान यह बैंड नहीं पहनें। हालांकि, इंग्लैंड टीम के खिलाड़ी टेस्ट मैच के तीसरे दिन प्रथम विश्व युद्ध के 100 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में हीरोज चैरिटी लोगो वाला शर्ट पहने हुए हैं। इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) ने ट्विटर पर प्रथम विश्व युद्ध में शहीद भारत और इंग्लैंड के सैनिकों के सम्मान में मौन धारण किए हुए इंग्लैंड टीम की तस्वीर पोस्ट की।
Author: JAN TV Editorial Team
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