नटवर के आरोपों पर सोनिया गांधी का पलटवार- जब मैं किताब लिखूंगी तब सच्‍चाई सामने आएगी
(DELHI, India) कांग्रेस अध्‍यक्ष सोनिया गांधी ने पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह के उस दावे पर गुरुवार को पलटवार किया, जिसमें कहा गया था कि 2004 में सोनिया गांधी ने 'अंतरात्मा की आवाज’ पर नहीं, बल्कि अपने बेटे राहुल गांधी के कड़े ऐतराज के बाद प्रधानमंत्री बनने से इनकार किया था। नटवर सिंह की किताब पर सोनिया गांधी ने आज कहा कि जब मैं अपनी किताब लिखूंगी, तब सच सामने आ जाएगा। मैं इससे आहत नहीं हूं, मैंने अपनी सास (दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी) को गोलियों से छलनी देखा है। मेरे पति (राजीव गांधी) की हत्‍या कर दी गई। बहुत सारे लोग काफी कुछ कहते हैं हमारे बारे में। जब इस मामले से आहत होने के बारे में पूछा जाता है तो मैं क्‍या कह सकती हूं। मीडिया के एक सवाल-पुलक चटर्जी वाले मामले पर आपका क्‍या कहना है, सोनिया ने कहा कि नहीं-नहीं, मैं कुछ नहीं बोलूंगी, जब मैं किताब लिखूंगी तब सच सामने आएगा। दूसरे सवाल नटवर सिंह के आरोपों पर आपका क्‍या कहना है, सोनिया ने ज्‍यादा कुछ नहीं कहा। उन्‍होंने सिर्फ इतना कहा कि इस पूरे मामले पर जब मैं किताब लिखूंगी तो सच सामने आ जाएगा। गौरतलब है कि पूर्व विदेश मंत्री के नटवर सिंह ने बुधवार को दावा किया कि 2004 में सोनिया गांधी ने अपने बेटे राहुल गांधी के कड़े एतराज के बाद प्रधानमंत्री बनने से इनकार कर दिया था। राहुल ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि उनको डर था कि अगर वह पद स्वीकार लेती हैं तो उनके पिता और दादी की तरह उनकी भी हत्या कर दी जाएगी। एक समय गांधी परिवार के दोस्त माने जाने वाले नटवर सिंह (83) ने 2008 में कांग्रेस छोड़ दी थी। इराक के अनाज के बदले तेल घोटाले की पृष्ठभूमि में 2005 में यूपीए-1 से उन्होंने इस्तीफा दिया था। उन्होंने दावा किया है कि अंतरात्मा की आवाज के कारण सोनिया ने इससे मना नहीं किया बल्कि एक समय वह प्रधानमंत्री पद संभालने के बारे में कह चुकी थीं। एक न्‍यूज के साथ साक्षात्‍कार में सिंह ने दावा किया कि अपनी आत्मकथा में वह इस खास घटनाक्रम का उल्लेख नहीं करें, यह आग्रह करने कांग्रेस अध्यक्ष अपनी बेटी प्रियंका गांधी के साथ 7 मई को उनके आवास पर आईं थी लेकिन उन्होंने तथ्य का खुलासा करने का फैसला किया क्योंकि वे सच बताना चाहते थे। नटवर सिंह ने कहा कि राहुल अपनी मां के प्रधानमंत्री बनने के पूरी तरह खिलाफ थे। उन्होंने कहा कि उनके पिता और दादी की तरह उनकी हत्या कर दी जाएगी और एक पुत्र होने के नाते वह उन्हें प्रधानमंत्री बनने नहीं देंगे। वह दृढता से अड़े हुए थे। उन्होंने 18 मई 2004 को हुयी एक बैठक का जिक्र करते हुए इस घटना का उल्लेख किया जिसमें मनमोहन सिंह, गांधी परिवार के दोस्त सुमन दुबे, प्रियंका और वह मौजूद थे। गौर हो कि नटवर सिंह की किताब ‘वन लाइफ इज नॉट इनफ: एन आटोबायोग्राफी’ शीर्षक वाली किताब जल्द ही बाजार में आने वाली है। वोल्कर समिति की रिपोर्ट के बाद नटवर सिंह को यूपीए सरकार से हटना पड़ा था। बाद में कांग्रेस ने उन्हें निलंबित कर दिया था।

Author: JAN TV Editorial Team

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