(DELHI, India)
लोकसभा में आज शून्यकाल के दौरान कुछ दलों के सदस्यों द्वारा यह मुद्दा उठाये जाने पर संसदीय कार्यमंत्री एम वेंकैया नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री स्वयं इस मामले में रचि ले रहे हैं। इस विवाद के समाधान के लिए समिति गठित कर दी गई है और वह जल्द से जल्दी इस बारे में फैसला करेगी। लेकिन इस मुद्दे पर सदन में पुरजोर तरीके से व्यक्त की गयी भावना से वह प्रधानमंत्री को अवगत करा देंगे। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि एक ऐसा संवेदनशील मुद्दा है जिससे सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा कि यह हिंदी या गैर हिंदी भाषा का भी मामला नहीं है। यह क्षेत्रीय भाषाओं से जुड़ा एक संवेदनशील मामला है और इसे संतुलित ढंग से हल कर कोई फैसला किया जाएगा। इससे पहले सपा के धर्मेंद्र यादव ने यह मामला उठाते हुए कहा कि सदन में कई बार इस मुद्दे को उठाया जा चुका है और मंत्री की तरफ से आश्वासन भी दिया गया है कि हफ्ते भर में समस्या का निदान हो जाएगा। उन्होंने जानना चाहा कि आखिर यह कितने दिन चलेगा। उन्होंने इस बात पर खेद व्यक्त किया कि यूपीएससी की परीक्षा देने वाले आंदोलनकारी छात्रों की बातों को मानने के बजाय, उन पर लाठीचार्ज किया जा रहा है।
Author: JAN TV Editorial Team
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