सरकार ने कहा-कमला बेनीवाल की बर्खास्‍तगी के पीछे कोई राजनीति नहीं, कांग्रेस ने मांगा जवाब
(DELHI, India) केंद्रीय मंत्री वैंकेया नायडू ने कहा कि बेनीवाल मामले में संविधान के मुताबिक फैसला किया गया है। बेनीवाल पर कई गंभीर आरोप थे। इस फैसले के पीछे कोई राजनीति नहीं है। कांग्रेस ने बर्खास्‍तगी के फैसले के खिलाफ मोदी सरकार पर प्रहार करते हुए कहा कि राज्‍यपाल को हटाना संविधान का अपमान है। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि बेनीवाल को हटाना संविधान के खिलाफ है। बेनीवाल के अहमदाबाद से एजल पहुंचने के महज एक महीने बाद यह कदम उठाया गया है। उन्‍होंने कहा कि सरकार को इस बात का स्‍पष्‍टीकरण देना चाहिए कि कमला बेनीवाल को क्‍यों हटाया गया। तिवारी ने कहा कि साल 2004 में यूपीए सरकार के समय राज्‍यपालों के तबादलों के समय बीजेपी ने कोर्ट का शरण लिया था। वहीं, गुजरात कांग्रेस नेता अर्जुन मोढ़वाडिया ने कहा कि यह एक संकेत है कि आने वाले दिन कैसे होंगे। यह (बेनीवाल की बर्खास्‍तगी) सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पूरा उल्‍लंघन है।
गौर हो कि गुजरात के राज्यपाल के रूप में उनके (कमला बेनीवाल) और तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी के रिश्ते कड़वाहट भरे थे। लोकायुक्त की नियुक्ति और कुछ अन्य विधेयकों को लेकर दोनों के बीच टकराव हुआ था। राष्ट्रपति भवन की ओर से बुधवार रात जारी सूचना के अनुसार, राष्ट्रपति का निर्देश है कि डॉक्टर कमला अब मिजोरम की राज्यपाल नहीं रहीं। अहमदाबाद से एजल पहुंचने के महज एक महीने बाद यह कदम उठाया गया है। सूचना के अनुसार, स्थाई व्यवस्था होने तक मणिपुर के राज्यपाल वीके दुग्गल को मिजोरम के राज्यपाल का प्रभार सौंपा गया है।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।