विवादों के बीच सचिन तेंदुलकर को संसद से अनुपस्थित रहने की मिली अनुमति
(DELHI, India) राज्यसभा में सचिन तेंदुलकर की लंबी अनुपस्थिति पर कांग्रेस, सपा सहित विभिन्न दलों ने सोमवार को भी भारी विरोध जताते हुए इसे ‘संसद एवं देश का अपमान’ बताया जबकि उच्च सदन ने क्रिकेटर एवं मनोनीत सदस्य को इस पूरे सत्र के लिए अनुपस्थित रहने की अनुमति दे दी। प्रश्नकाल के बाद, उपसभापति पीजे कुरियन ने सदन को अवगत कराया कि आसन को तेंदुलकर का एक पत्र मिला है जिसमें उन्होंने कहा है कि वह अपनी व्यक्तिगत एवं पेशेगत प्रतिबद्धताओं तथा पारिवारिक अनिवार्यताओं के कारण पूरे सत्र में सदन में नहीं आ पाएंगे। उन्हें इसके लिए अनुमति दी जाए। इसी दौरान, सपा के नरेश अग्रवाल ने कहा कि गत शुक्रवार को भी सदन में यही मुद्दा उठा था। सदन को सूचित किया गया था कि मनोनीत होने के बाद सचिन मात्र तीन बार सदन में आए हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर हंगामा होने के बाद सचिन का पत्र अब आया है। अग्रवाल ने कहा कि गत शुक्रवार को ही सचिन दिल्ली में थे। उन्होंने एक समारोह में भाग लिया लेकिन उनके पास सदन में आने के लिए समय नहीं था। उन्होंने कहा कि सचिन का ऐसा करना संसद के प्रति असम्मान है। इस पर कुरियन ने कहा कि अवकाश के दौरान कोई सदस्य कहां रहता है इस बारे में जांच कराना सभापति या आसन का काम नहीं है। उन्होंने कहा कि अवकाश के लिए सदस्यों के जो पत्र आसन के पास आते हैं उसमें बताए गए कारणों पर संदेह व्यक्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि अवकाश में कोई व्यक्ति क्या करता है यह उसका व्यक्तिगत मामला है। शिरोमणि अकाली दल के नरेश गुजराल ने कहा कि तेंदुलकर सहित मशहूर मनोनीत सदस्यों का सदन में नहीं आना न केवल सदन बल्कि पूरे देश का असम्मान है। उन्होंने कहा कि सदस्यों को सदन के प्रति सम्मान दिखाना चाहिए। कांग्रेस के सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा कि यह गलत परंपरा है। इससे पूरे देश का असम्मान हुआ है। उन्होंने कहा कि सचिन ने शहर में रहते हुए भी सदन में आना पसंद नहीं किया। उन्होंने कहा कि सचिन जब अन्य कामों के लिए समय निकाल सकते हैं तो सदन के लिए वह समय क्यों नहीं दे सकते।
इस मुद्दे पर कई अन्य दलों के सदस्य भी कुछ कहने का प्रयास कर रहे थे लेकिन कुरियन ने उन्हें शांत कराते हुए कहा कि हम किसी सदस्य के पत्र में बताए गए कारणों की ‘सत्यता की जांच’ नहीं करवा सकते। उन्होंने कहा कि ऐसा करना संसद के मानकों के अनुरूप नहीं होगा। इसके बाद उन्होंने सचिन के अवकाश संबंधी अनुरोध पर सदन की राय ली और सदन ने ध्वनिमत से इसकी मंजूरी दे दी।

Author: JAN TV Editorial Team

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