केंद्र कश्मीरी पंडितों की घर वापसी के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध : राजनाथ
(DELHI, India) गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कौसर नाग यात्रा और कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास के बारे में पेश एक ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा कि कश्मीरी पंडितों का पुनर्वास और घर वापसी राजनीतिक नहीं बल्कि एक राष्ट्रीय मुद्दा है। इससे बड़ा मुद्दा और क्या होगा कि देश के नागरिक अपनी ही धरती पर शरणार्थी बनकर रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह हिंदू, मुसलमान या जाति पंथ का मामला नहीं है बल्कि यह इंसानियत, इंसाफ और जज्बात का मामला है। राजनाथ ने कहा, मैं तो कहूंगा कि हिंदू, मुसलमान, ईसाई, पारसी, सिख कोई भी अपने देश में शरणार्थी बनकर रहे, इससे बड़ी व्यथा और नहीं हो सकती। और संसद को इस बारे में एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए। कश्मीरी पंडितों के बारे में भी प्रस्ताव पारित करना चाहिए और यह प्रतिबद्धता जतानी चाहिए कि एक एक नागरिक, जो शरणार्थी की जिंदगी जीने को बाध्य है, जब तक उसकी घर वापसी नहीं होगी, चैन की नींद नहीं आएगी। देशवासियों का यह संकल्प होना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत सरकार अपनी प्रतिबद्धता दोराहना चाहेगी कि वह उन सभी कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास तथा कश्मीर घाटी में उन्हें वापस ले जाने के लिए सभी सार्थक उपाय करने के लिए प्रतिबद्ध है जो 1990 के आरंभ में घाटी से विस्थापित होने के फलस्वरूप जम्मू तथा देश के अन्य भागों में बस गए हैं। गृह मंत्री ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने इन प्रयासों को आगे बढ़ाने के लिए वर्ष 2014-15 के बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।