प्रधानमंत्री ने कहा कि काफी प्रतिकूल चीजों और अपने परिवारों के दैनिक जीवन में संघर्षों के बावजूद सैनिक अडिग रहते हैं। सैनिकों की यह उर्जा एवं कर्तव्य पालन का बोध उन्हें प्रेरणा देता है। इसलिए वे प्रेरणा लेने के लिए सीमा पर जवानों के पास जाते रहते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण और कल्याण के लिए केंद्रीय बजट में प्रावधान किए गए हैं। इन प्रावधानों में ‘एक रैंक एक पेंशन’ का प्रावधान भी शामिल है। मोदी ने सैनिकों से वादा किया कि भारत की भावी पीढ़ियों को प्रेरणा देने के लिए एक राष्ट्रीय युद्ध स्मारक का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने रक्षा कर्मियों को यह भी बताया कि सरकार रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। सीमावर्ती इलाकों में तैनात सशस्त्र बलों का वहां रहने वाले लोगों से बेहतर जुड़ाव बताते हुए मोदी ने करगिल घुसपैठ का उदाहरण दिया। जिसके बारे में पहली सूचना ताशी नामग्याल नामक एक चरवाहे ने दी थी। यहां से रवाना होने से पहले मोदी ने सैनिकों से बातचीत की और आगंतुकों की पुस्तक में लिखा कि विकास के लिए शांति एवं सुरक्षा जरूरी हैं।
Author: JAN TV Editorial Team
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