मैंने भी मंत्री रहते हुए दी थी 5000 रुपये की रिश्वत: मुख्यमंत्री मांझी
(DELHI, India) उन्होंने एक समारोह में ग्रामीण विकास अधिकारियों के एक समूह से कहा, ‘मुझे यह स्वीकार करने में कोई संकोच नहीं है कि सरकारी मशीनरी में शीर्ष से लेकर नीचे तक भ्रष्टाचार व्याप्त है ।’ मांझी ने कहा, ‘एक नागरिक के रूप में मैं अनुभव से कह सकता हूं कि अधिकारियों और कर्मचारियों को रिश्वत की पेशकश किए बगैर सरकारी कार्यालयों में प्रखंड स्तर तक कोई काम नहीं होता ।’ उन्होंने कहा कि जाति प्रमाण पत्र जारी करने जैसे काम के लिए अगर कोई व्यक्ति सरकारी कर्मचारियों के पास जाता है तो उससे रिश्वत मांगी जाती है । उन्होंने कहा कि अगर उन्हें रिश्वत नहीं दी जाती है तो वह काम नहीं होता या वे किसी न किसी बहाने आवेदन पर कुंडली मारे बैठे रहते हैं । मांझी ने कहा कि कुछ वर्ष पहले बिजली का बिल सुधारने के लिए उनके परिवार के सदस्यों को 5000 रूपये की रिश्वत देनी पड़ी थी । उन्होंने कहा, ‘बिजली विभाग ने कुछ वर्ष पहले गया जिले में स्थित मेरे घर पर 25 हजार रूपये का बिल भेज दिया जब मैं मंत्री था.. मेरे परिवार के लोगों ने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले पर गौर करने को कहा लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ ।’ मांझी ने कहा, ‘अंत में मेरे परिवार के सदस्यों को बिल में सुधार करवाने के लिए विभाग के अधिकारियों को 5000 रूपये की रिश्वत देनी पड़ी जबकि मैं सरकार में मंत्री था ।’ उन्होंने कहा कि उन्होंने मामले को बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष उठाया जिनके आदेश पर गया जिले में कुछ अधिकारियों के घर पर छापेमारी की गई जहां से करोड़ों रूपये की नकदी बरामद हुई । मांझी ने कहा कि कुमार ने बिहार में विकास किया लेकिन भ्रष्टाचार अनवरत जारी रहा ।

Author: JAN TV Editorial Team

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