स्वतंत्रता दिवस पर PM मोदी ने की जातिगत-सांप्रदायिक हिंसा पर रोक लगाने की अपील
(DELHI, India) उन्होंने जातिगत और सांप्रदायिक हिंसा पर 10 वर्ष के लिए रोक लगाने का आह्वान किया। ऐतिहासिक लाल किले की प्राचीर से पहली बार राष्ट्र को संबोधित करते हुए मोदी ने आतंकवाद और हिंसा के रास्ते पर चल निकले नौजवानों से अपने हथियार छोड़कर शांति और विकास का रास्ता अपनाने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री का पद संभालने के तीन माह से भी कम समय के भीतर मोदी ने अपनी सरकार का रोडमैप पेश किया, गरीबों के लिए जनधन योजना का ऐलान किया, जिसमें उनके लिए बीमा की सुविधा भी हो, सांसदों द्वारा आदर्श गांवों का विकास और एक समयसीमा के भीतर खुले में शौच को समाप्त करने की एक योजना का भी ऐलान किया। उन्होंने कारपोरेट घरानों से कहा कि वह अपने सामाजिक दायित्व के तौर पर सरकार के साथ मिलकर काम करते हुए शौचालयों के निर्माण में सहयोग दें, जिसके अंतर्गत अगले स्वतंत्रता दिवस तक सभी स्कूलों में, लड़कियों के लिए अलग से शौचालयों का निर्माण किया जाए। किसी बुलेट प्रूफ ढाल के बिना मोदी ने हिंदी में दिए अपने लगभग सवा घंटे के धाराप्रवाह संबोधन में योजना आयोग के स्थान पर जल्द ही भीतरी और वैश्विक आर्थिक परिवर्तनों को जहन में रखते हुए एक नये संस्थान की स्थापना की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर देते हुए कि वह प्रधानमंत्री के तौर पर नहीं बल्कि ‘प्रधान सेवक’ के रूप में अपनी बात कह रहे हैं, राष्ट्र के निर्माण में पूर्व सरकारों, पूर्व प्रधानमंत्रियों और राज्य सरकारों के योगदान का विशेष उल्लेख किया। सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की मांग करते और उनकी मदद का संकल्प लेते हुए मोदी ने कल ही समाप्त हुए संसद सत्र का जिक्र करते हुए कहा, ‘गुरुवार को संसद के सत्र का समापन हुआ। यह सत्र हमारी सोच की पहचान, हमारे इरादों की अभिव्यक्ति था कि हम बहुमति के बल पर आगे नहीं बढ़ना चाहते, हम सहमति के मजबूत धरातल पर आगे बढ़ना चाहते हैं।’ उन्होंने कहा, ‘आप सब लोगों ने देखा होगा कि विपक्ष सहित सभी दलों को साथ लेकर चलने से हमने अभूतपूर्व सफलता हासिल की। इसका यश प्रधानमंत्री अथवा सरकार को ही नहीं जाता बल्कि विपक्ष को, इसके नेताओं को और इसके प्रत्येक सांसद को भी जाता है। मैं सभी सांसदों और राजनीतिक दलों का भी अभिनन्दन करता हूं, जिनकी मदद से हमने सफलता के साथ इस पहले सत्र का समापन किया।’ देश के कुछ भागों में हाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि सांप्रदायिकता और जातिवाद देश की प्रगति में बाधा है। मोदी ने कहा, ‘हम सदियों से सांप्रदायिक तनाव से गुजर रहे हैं। इसकी वजह से देश विभाजन तक पहुंच गया ..जातिवाद संप्रदायवाद का जहर कब तक चलेगा? किसका भला होगा? बहुत लोगों को मार दिया, काट दिया, कुछ नहीं पाया, भारत मां के दामन पर दाग लगाने के अलावा कुछ नहीं पाया।’ उन्होंने कहा, ‘मैं देश की प्रगति के लिए अपील करता हूं कि हिंसा पर 10 साल के लिए अंकुश लगाया जाए, कम से कम एक बार, ताकि हम इन बुराइयों से मुक्त समाज की ओर बढ़ें। शांति, एकता, सद्भावना और भाईचारे के साथ आगे बढ़ने में कितनी ताकत है। मेरे शब्दों पर भरोसा कीजिए। हम अब तक किए पापों को छोड़ दें और देश को आगे ले जाने का संकल्प करें। हम ऐसा कर सकते हैं।’

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।