(DELHI, India)
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में प्रधानमंत्री ने भावपूर्ण ढंग से देश की सामाजिक और आर्थिक समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने इन सामाजिक बुराइयों को रोकने में समाज की महत्ती भूमिका पर जोर देते हुए कहा, ‘आपके घर में बेटी 10-12 साल की होती है तो आप उससे पूछते हैं कि कहां जा रही हो, कब तक लौटोगी, पहुंचकर फोन करना, पर क्या कोई बेटे से पूछता है कि वह कहां जा रहा है, उसके दोस्त कौन हैं क्योंकि बलात्कार करने वाला किसी का तो बेटा है। बेटियों पर जितने बंधन डालते हो, बेटों पर डालकर तो देखो।’
Author: JAN TV Editorial Team
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