(DELHI, India)
एक प्रेस कांफ्रेस में प्रश्नों का जवाब देते हुए कहा कि देश की सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए सैन्य साजो-सामान बनाने वाली बड़ी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट नहीं किया जा सकता। उल्लेखनीय है कि हाल ही में मोदी सरकार ने भारतीय सेना के लिए की जाने वाली सैन्य खरीद को रद्द करने का आदेश दिया है। हालांकि सरकार ने निजी क्षेत्र की भागीदारी के साथ देश में ही सैन्य सामान बनाने का भी प्रस्ताव रखा। पिछले कुछ वर्षो में सेना में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं को देखते हुए सरकार ने बहुत सी सैन्य कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। इस मुद्दे पर प्रश्नों का जवाब देते हुए अरूण जेटली ने कहा कि इटेलियन कंपनी फिनमैक्कानिका पर अस्थायी पाबंदी लगाई गई है। परन्तु यदि विश्व की अन्य कंपनियां हमें सैन्य उपकरण उपलब्ध कराने के लिए तैयार हो जाती है तो भविष्य में फिनमैक्कानिका से कोई खरीद नहीं की जाएगी। जेटली ने कहा, "यह मुद्दा अटॉर्नी जनरल को भेजा जा चुका है। हमने किसी कंपनी से काफी मात्रा में सैन्य सामान खरीदा है और हमें उसके लिए सामान की जरूरत है तो हमें उसी कंपनी से खरीदना पड़ेगा। हम एकाएक उस कंपनी को यह नहीं कह सकते कि हमने तुम्हारी कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर दिया है इसलिए हमें उस कंपनी का सामान नहीं लेंगे जो कि हमारे लिए अत्यावश्यक है।"
Author: Shiv Kishor
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