इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि इस 'टीचर्स डे' को 'गुरू-उत्सव' के रूप में मनाया जाए, गैर-बीजेपी राज्यों में इसका विरोध शुरू हो गया है, सरकार की दो सहयोगी पीएमके और एमडीएमके ने भी इसका विरोध किया है, पीएमके ने इसे संस्कृत को थोपने का गोपनीय प्रसास बताया, स्मृति ईरानी का कहना है कि अध्यापकों को समर्पित इस दिन पर कोई राजनीति ना हो, तमिलनाडु में भाजपा सहयोगी टीचर्स डे को ‘गुरूउत्सव’ घोषित करने के खिलाफ पीएमके और एमडीएमके के नेताओं क्रमश: एस रामदास और वाइको ने कहा कि केंद्र तुरंत टीचर्स डे को ‘गुरू उत्सव’ घोषित करने के आदेश को वापस ले, पांच सितंबर को छात्रों से चर्चा करने के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के फैसले का तो रामदास ने स्वागत किया लेकिन इस दिवस को ‘गुरू उत्सव’ कहे जाने पर आपत्ति जतायी, रामदास और वाइको ने हाल ही में सीबीएसई स्कूलों में संस्कृत सप्ताह मनाए जाने का विरोध किया था, रामदास ने एक बयान में कहा, ‘‘केंद्र सरकार के लिए इसका नाम बदलकर 'गुरू उत्सव' करना उचित नहीं है, यह संस्कृत थोपने का गोपनीय प्रयास है, जो स्वीकार्य नहीं है.’’वाइको ने भी छात्रों के साथ चर्चा करने के मोदी के फैसले का स्वागत किया लेकिन कहा कि पार्टी केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री द्वारा टीचर्स डे का नाम बदलकर ‘गुरू उत्सव’ किए जाने की ‘कड़ी निंदा’ करती है, उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार को यह अहसास होना चाहिए कि राष्ट्रीय अखंडता केवल तभी मजबूत होगी जब विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों की पहचान को बेहतर किया जाएगा.’ द्रमुक प्रमुख एम करूणानिधि पहले ही इस कदम का विरोध करते हुए आरोप लगा चुके हैं कि यह तमिल भाषा और समाज को नीचा दिखाने की साजिश है
Author: Shiv Kishor
DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।