दलितों को अवसर देने में समानता के साथ समरसता भी देनी होगी : मोदी
(DELHI, India) केरल में दलितों के बीच अपनी पैठ बढ़ाने में प्रयासरत भाजपा ने सोमवार को राज्य के समाज सुधार आंदोलन में महात्मा अय्यंकाली और श्रीनारायण गुरू के योगदान को याद किया और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि दलितों को अवसर देने में समानता के साथ समरसता भी देनी होगी। विज्ञान भवन में अय्यंनकाली के 152 वें जन्मदिवस पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस तरह महात्मा गांधी ने 1930 में दांडी मार्च का आयोजन करके देश के स्वतंत्रता आंदोलन में बड़ा योगदान किया था उसी तरह अय्यंनकाली ने 1913 में दलितों के उत्थान के लिए एक सम्मेलन करके इस दबे कुचले समाज को आगे बढ़ाने में योगदान किया। मोदी ने कहा कि दलितों को अवसर प्रदान करने के मामले में देश ने भले ही बराबरी हासिल कर ली हो, लेकिन आवश्यकता है समरसता हासिल करने की। उन्होंने कहा, ‘‘अगर हम केवल समानता पर अटक जाते हैं, तो उससे कोई मदद नहीं मिलेगी, समरसता के लिए हमें अतिरिक्त प्रयास करने होंगे। समरसता के लक्ष्य को पूर्ण करना देश और समाज का सामूहिक दायित्व है। समता से भी बड़ी चीज है समरसता।’’ समाज सुधार में अय्यंकाली और नारायण गुरू के योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा कि एक समय केरल का समाज इतना अधिक विभाजित था कि स्वामी विवेकानंद ने भी उस पर रोष व्यक्त किया था। उन्होंने कहा, महात्मा अय्यंकाली ने समाज को जगाने के लिए लगातार संघर्ष किया। 1913 के ऐतिहासिक सम्मेलन के लिए जमीन न मिलने पर उन्होंने समुद्र में नावें इकट्ठी करके सभा की। उन्होंने महात्मा गांधी के भारत लौटने से पहले दलितों के उद्धार के लिए आंदोलन चलाया। लोकसभा चुनावों में केरल में भाजपा का मत प्रतिशत 6.4 से बढ़ कर 10.3 हो गया है। भाजपा उसे और बढ़ाने के लिए प्रयासरत है और इसके लिए वह दलित और पिछडे समाज पर विशेष ध्यान दे रही है।

Digital Desk: Shiv Kishor

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