एशियाड में स्वर्ण नहीं जीत पाने का मलाल मिटाने का है दम : वाल्श
(India) वाल्श ने कहा कि सरदार सिंह की अगुवाई वाली टीम ग्वांग्झू में चार साल पहले जीते कांस्य को इंचियोन एशियाड में स्वर्ण में बदल सकती है। उन्होंने टीम की रवानगी से पहले कहा, ‘सबसे महत्वपूर्ण बात आत्मविश्वास और हार के भय के बगैर खेलना है।’ उन्होंने कहा, ‘अच्छे प्रदर्शन के लिये सबसे जरूरी आत्मविश्वास है। आत्मविश्वास और बेचैनी आपस में जुड़े हुए हैं और आपको इन दोनों का फर्क पता होना चाहिए। राष्ट्रमंडल खेलों में खिलाड़ियों में यह आत्मविश्वास नहीं था कि वे स्वर्ण जीत सकते हैं। यह विकास की प्रक्रिया है जो रातोंरात नहीं होता। मेरा मानना है कि यह टीम मलेशिया, कोरिया, चीन, पाकिस्तान , जापान को हराकर खिताब जीत सकती है।’ वाल्श ने कहा कि विश्व कप के बाद से भारत का डिफेंस मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा, ‘टीमें अंतिम क्षणों, खेल के बीच में और शुरूआत में गोल गंवाती ही हैं। मेरा मानना है कि हमारा डिफेंस बेहतर हुआ है।’ वाल्श का मानना है कि मौजूदा फार्म को देखते हुए भारत के पास एशियाई खेलों का खिताब जीतकर रियो ओलंपिक 2016 के लिये क्वालीफाई करने का वास्तविक मौका है।

Author: JAN TV Editorial Team

DISCLAIMER: इस वेबसाइट पर दी गई जानकारी केवल सामान्य एवं शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। हमने जानकारी को सटीक रखने का प्रयास किया है, लेकिन इसकी पूर्णता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं दी जाती। तृतीय-पक्ष वेबसाइटों या स्रोतों की सामग्री पर हमारा नियंत्रण नहीं है। इस जानकारी के आधार पर लिया गया कोई भी निर्णय आपके अपने विवेक और जोखिम पर होगा।