उपचुनाव: राजनैतिक दलों ने लगाया पूरा जोर
(India)
9 राज्यों की 3 लोकसभा और 33 विधानसभा सीटों पर 13 सितम्बर को होने वाले उपचुनाव के लिए कल शाम 5 बजे चुनाव प्रचार का शोर थम गया। ये उपचुनाव जहां भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के लिए परीक्षा की घड़ी हैं वहीं लोकसभा चुनावों में शर्मनाक हार का सामना करने वाले विपक्ष के लिए अपनी साख बचाने और स्थिति को मजबूत करने का एक अच्छा अवसर भी है। मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद ये तीसरे उपचुनाव हैं। पिछले 2 उपचुनावों के परिणामों से ये सवाल खड़े होने लगे हैं कि कहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का तिलिस्म टूटने तो नहीं लगा है। वड़ोदरा नरेन्द्र मोदी, मैनपुरी मुलायम सिंह यादव और मेडक तेलंगाना की सीट मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के इस्तीफे के कारण खाली हुई हैं। विधानसभा की जिन 33 सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं उनमें उत्तर प्रदेश की 11, गुजरात की 9, राजस्थान की 4 और असम की 3, पश्चिम बंगाल की 2 तथा सिक्किम, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ की 1-1 सीट शामिल है।

Digital Desk: Kamal

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