(DELHI, India)
अपनी अपील में मोदी ने कहा, ‘आप सभी को पता है कि अभूतपूर्व बाढ़ की वजह से जम्मू-कश्मीर में तबाही का आलम है। बड़ी तादाद में लोग मारे गए हैं या अस्थायी रूप से विस्थापित हुए हैं।’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘करोड़ रुपए के जानमाल का नुकसान हुआ है। संकट की इस घड़ी में जम्मू-कश्मीर में हमारे नागरिकों को मदद की जरूरत है ताकि वे इस आपदा से उबर सकें और अपनी जिंदगी फिर से बसा सकें।’मोदी ने कहा कि राहत, बचाव और पुनर्वास के उपायों में केंद्र राज्य सरकार को पूरा सहयोग कर रहा है और प्रभावित लोगों को सीधी मदद भी दी जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘मैं सभी देशवासियों से अनुरोध करता हूं कि जम्मू-कश्मीर में मुश्किलों का सामना कर रहे हमारे भाइयों-बहनों के साथ वे कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हों और संकट की इस घड़ी में उनकी मदद के लिए राष्ट्रीय प्रयास का हिस्सा बनें। मैं सभी नागरिकों से अपील करता हूं कि वे प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में दिल खोलकर दान करें।’ लोगों से राष्ट्रीय प्रयास का हिस्सा बनने की अपील करते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) के एक बयान में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में भुगतान के विभिन्न तौर-तरीकों का ब्योरा भी दिया गया। इसमें यह भी बताया गया कि पीएमओ की वेबसाइट के जरिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में भुगतान किस तरह किया जाए।
बयान में कहा गया कि चेक..ड्राफ्ट..नगद के जरिए ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष’ के नाम से भुगतान कर इसे साउथ ब्लॉक में पीएमओ को भेजा जा सकता है। ‘प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष’ के नाम से बनाए जाने वाले ड्राफ्ट के लिए राष्ट्रीयकृत बैंक कोई शुल्क नहीं लेंगे। मोदी ने ऐसे समय में यह अपील की है जब एक दिन पहले ही पीएमओ के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने स्वेच्छा से अपनी एक दिन की तनख्वाह बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए दान की।
Digital Desk: Shiv Kishor
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